जब लोकसभा चुनाव में पहली बार 400 पार हुई कांग्रेस, राजीव गांधी चुने गए प्रधानमंत्री
साल 1984 के आम चुनाव (Lok Sabha Election 2024) में कांग्रेस ने 404 सीटों पर जीत दर्ज की थी। देश के लोकसभा चुनाव के इतिहास में इतना बड़ा आकंड़ा हासिल करना पहला और ऐतिहासिक था। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देश में राजीव गांधी और कांग्रेस के लिए जबरस्त सहानुभूति की लहर देखने को मिली। 3791 निर्दलीय उम्मीदवारों की चुनाव में भारी भागीदारी देखने को मिली थी।
पहली बार 400 पार
तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देश में राजीव गांधी और कांग्रेस के लिए जबरस्त सहानुभूति की लहर देखने को मिली। इसका असर ऐसा दिखा की 1984 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 514 सीटों में से 404 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया था।
राजनीतिक विशेषलकों के अनुसार, कांग्रेस की भारी जीत का कारण इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी के लिए पैदा हुई सहानुभूति लहर रही। बता दें कि इस आम चुनाव में लगभग 5,312 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा, जिनमें 1,244 राष्ट्रीय पार्टियों से और 151 क्षेत्रीय दलों से थे। 3,791 निर्दलीय उम्मीदवारों की चुनाव में भारी भागीदारी देखने को मिली, जिसमें से केवल 5 उम्मीदवार ही लोकसभा में पहुंचे।
आज तक का एकमात्र लोकसभा चुनाव
25.62 करोड़ से अधिक कुल मतदाताओं की संख्या के साथ 1984 का चुनाव 2014 तक आखिरी चुनाव था, जिसमें किसी एक पार्टी को बहुमत मिला था। इसके अलावा ये आज तक का एकमात्र लोकसभा चुनाव रहा, जब किसी पार्टी ने 400 से अधिक सीटें जीती।
पीएम चुने गए थे राजीव गांधी
इंदिरा गांधी की हत्या 31 अक्टूबर, 1984 को प्रधानमंत्री आवास के लॉन में उनके ही दो अंगरक्षकों द्वारा हुई थी। 1984 के दिसंबर को आम चुनाव हुए, लोकसभा की 514 सीटों के लिए 24-28 दिसंबर को वोटिंग हुई। इसके बाद राजीव गांधी को देश का प्रधानमंत्री चुना गया था।
भाजपा का था पहला चुनाव
1980 में जनसंघ से अलग होकर भाजप का गठन हुआ और पार्टी ने कमल को चुनाव चिन्ह घोषित किया। 1984 में भाजपा ने अपना पहला लोकसभा चुनाव लड़ा। हालांकि, नवगठित पार्टी इस आम चुनाव में कोई भी छाप छोड़ने में असफल रही। पार्टी ने 224 सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ा,लेकिन जीत केवल 2 ही सीटों पर दर्ज की।
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