चुनाव में 1.35 लाख करोड़ खर्च होने के आसार, 75 दिन में मोदी ने की 180 रैलियां
Lok Sabha Elections 2024: पीएम मोदी का चुनावी अभियान मैराथन रहा. इस दौरान उनके 206 कार्यक्रम हुए और उन्होंने 80 इंटरव्यू दिए.
इस बार के लोकसभा चुनाव खर्च के लिहाज से दुनिया में सबसे महंगा साबित होने की संभावना व्यक्त की जा रही है. सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज (सीएमएस) के एक आंकड़े के मुताबिक पिछली बार की तुलना में इस बार लोकसभा चुनावों में दोगुने खर्च का अनुमान है. 2019 में जहां 60 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए थे वहीं इस बार 1.35 लाख करोड़ खर्च होने का अनुमान व्यक्त किया गया. इसमें इस प्रक्रिया से जुड़े प्रत्यक्ष-परोक्ष सभी खर्चों को शामिल किया गया है. ये आंकड़ा अमेरिकी चुनाव (2020) में हुए खर्च से भी अधिक है. अमेरिकी चुनाव में 1.2 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए थे. इस बार लोकसभा चुनाव में 96.6 करोड़ मतदाता हैं. यानी प्रति मतदाता लगभग 1,400 रुपये खर्च होने का अनुमान है. इसी तरह
होशियारपुर में संपन्न हुआ पीएम मोदी का चुनावी अभियान
इस बार का लोकसभा चुनाव सात चरणों में संपन्न हो रहा है और चुनाव का नतीजा 4 जून को घोषित होगा. 16 मार्च को चुनाव आयोग की तरफ से लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू हो गई थी. ऐसे में सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पार्टी के पक्ष में चुनाव प्रचार के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव आचार संहिता लागू होने के पहले से ही देश भर के लगभग सभी राज्यों का मैराथन दौरा कर रहे थे. लेकिन चुनाव की तारीख की घोषणा के साथ देश के दक्षिण छोर से शुरू हुआ उनका प्रचार अभियान उत्तर में स्थित पंजाब के होशियारपुर में आकर समाप्त हुआ. जहां पीएम मोदी ने गुरुवार को एक चुनावी रैली को संबोधित किया.
इस चुनाव में पार्टी के पक्ष में पीएम मोदी की मेहनत साफ नजर आई. विपक्ष के फायर ब्रांड नेताओं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल जैसे नेता एक तरफ और पूरे चुनाव प्रचार अभियान के दौरान नरेंद्र मोदी एक तरफ सबको अपनी ऊर्जा से टक्कर देते नजर आए. आंध्र प्रदेश के पालनाडु से चुनाव प्रचार की शुरुआत कर पीएम मोदी ने इस अभियान का समापन 30 मई को पंजाब के होशियारपुर में किया. यानी 75 दिन की इस अवधि में पीएम मोदी ने 180 रैलियां और रोड शो किए हैं.
पीएम मोदी की रैलियों के साथ उनके रोड शो और अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने का आंकड़ा देखें तो यह संख्या 206 है. इसके साथ ही उन्होंने इस दौरान 80 से ज्यादा मीडिया चैनलों, अखबारों, यूट्यूबरों, ऑनलाइन मीडिया माध्यमों को अपना साक्षात्कार दिया. मतलब औसतन हर दिन पीएम मोदी ने दो से ज्यादा रैलियां और रोड शो के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया. वहीं, पीएम मोदी मार्च में चुनाव की घोषणा से पहले फरवरी और मार्च की 15 तारीख तक 15 रैलियां कर चुके थे.
सबसे ज्यादा यूपी में की जनसभाएं
पीएम मोदी ने सबसे ज्यादा 22 जनसभाएं और कुल 31 चुनावी कार्यक्रम यूपी में किए हैं. इसके साथ ही उन्होंने कर्नाटक में 11, तेलंगाना में 11, तमिलनाडु में 7, आंध्र प्रदेश में 5 और केरल में 3 रैलियां की हैं.
पीएम मोदी ने बिहार में 20 चुनावी कार्यक्रम और महाराष्ट्र में 19 चुनावी कार्यक्रम के साथ पश्चिम बंगाल में 20 रैलियों को संबोधित किया. इसके साथ ही पीएम ने ओडिशा और मध्य प्रदेश में 10 चुनावी कार्यक्रम किए. वहीं, पीएम का फोकस झारखंड पर भी रहा, जहां उन्होंने 7 कार्यक्रम किए.
पीएम मोदी के 2019 के चुनावी रैलियों की संख्या देखें तो आपको पता चलेगा कि उन्होंने उस चुनाव में 142 जनसभाएं की थी.
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