महाराष्ट्र MLC चुनाव: हो गई क्रॉस वोटिंग.. NDA के सभी उम्मीदवार जीते, महाविकास आघाडी को झटका


महाराष्ट्र विधानसभा में शुक्रवार को MLC चुनाव को लेकर मतदान हुआ है. शाम चार बजे तक हुई शत प्रतिशत वोटिंग के बाद अब परिणाम सामने आ गए हैं. इसमें एनडीए गठबंधन को फायदा हुआ है.

MLC Election Maharashtra: महाराष्ट्र विधानसभा में हुए MLC चुनाव में लोकसभा चुनाव के बाद उलटफेर सामने आया है. शुरुआती परिणामों में बीजेपी के अगुवाई वाले NDA के सभी उम्मीदवारों को विजय मिली है. उसके सभी 9 उम्मीदवार जीत गए हैं. उधर कांग्रेस की प्रदन्या सातव जीती हैं. खास बात यह रही कि मतदान में कांग्रेस की तरफ से क्रॉस-वोटिंग की बात सामने आई है. बताया गया कि कांग्रेस के 6 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है.

11 सीट के लिए द्विवार्षिक चुनाव

अभी परिणामों पर और भी अपडेट आ रहे हैं. इससे पहले महाराष्ट्र विधान परिषद की 11 सीट के लिए द्विवार्षिक चुनाव के लिए शुक्रवार को विधान भवन परिसर में मतदान संपन्न हो गया. अधिकारियों ने बताया कि मतदान सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक हुआ. विधान परिषद की 11 सीट पर हो रहे चुनाव के लिए कुल 12 उम्मीदवार मैदान में हैं. राज्य की 288 सदस्यीय विधानसभा इन चुनावों के लिए निर्वाचक मंडल है. वर्तमान में इसमें संख्या बल 274 है.

11 सदस्यों का कार्यकाल 27 जुलाई को खत्म

अधिकारियों के अनुसार सभी 274 विधायकों ने अपने वोट डाले. शिवसेना के संजय गायकवाड़ गुप्त मतदान प्रणाली के माध्यम से सबसे पहले वोट डालने वाले विधायक थे. विधान परिषद के 11 सदस्यों का कार्यकाल 27 जुलाई को खत्म होने जा रहा है. शिवसेना (यूबीटी) ने सुबह कहा था कि वह राज्य निर्वाचन अधिकारी से मुंबई में भारी बारिश के कारण मतदान का समय एक घंटे बढ़ाने का अनुरोध करेगी. मतदान के दौरान कांग्रेस ने निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर आग्रह किया कि भाजपा विधायक गणपत गायकवाड़ को वोट डालने की अनुमति न दी जाए.

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कल्याण पूर्व विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले गायकवाड़ को फरवरी में ठाणे जिले के उल्हासनगर में भूमि विवाद को लेकर पुलिस थाने के अंदर शिवसेना के एक पदाधिकारी पर कथित तौर पर गोली चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. कांग्रेस ने कहा कि क्योंकि गायकवाड़ न्यायिक हिरासत में हैं, इसलिए वह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 62(5) के तहत मतदान नहीं कर सकते. शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि भाजपा विधायक को परिषद चुनाव में वोट देने की अनुमति देना सत्ता का दुरुपयोग होगा. उन्होंने कहा, ‘‘गायकवाड़ वोट डालने के लिए जेल से बाहर आ सकते हैं, लेकिन अनिल देशमुख और नवाब मलिक भी (2022 के परिषद चुनावों के दौरान) जेल में थे और उन्हें वोट देने की अनुमति नहीं थी. यह सत्ता का उपयोग है या दुरुपयोग है.’’ भाजपा 103 सदस्यों के साथ विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है, इसके बाद शिवसेना (38), राकांपा (42), कांग्रेस (37), शिवसेना (यूबीटी) 15 और राकांपा (शरदचंद्र पवार) के सदस्यों की 10 है.

भाजपा ने चुनाव मैदान में पांच उम्मीदवार उतारे, जबकि महायुति के उसके गठबंधन सहयोगियों शिवसेना और राकांपा ने दो-दो उम्मीदवार खड़े किए. कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने एक-एक उम्मीदवार मैदान में उतारा है, जबकि महा विकास आघाडी (एमवीए) की उनकी सहयोगी राकांपा (शरदचंद्र पवार) पीजेंट्स एंड वर्कर्स पार्टी (पीडब्ल्यूपी) के उम्मीदवार का समर्थन कर रही है.


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