Prime Ministers of India

देश के ऐसे प्रधानमंत्री, जिन्होंने मुख्यमंत्री या मंत्री पद पर रहे बिना किया था देश का नेतृत्व


Prime Ministers of India: देश में कुछ नेता ऐसे भी हुए हैं, जिन्होंने बिना मुख्यमंत्री पद या किसी मंत्री पद पर रहे बिना देश का नेतृत्व किया था. आज जानिए देश के ऐसे प्रधानमंत्रियों के बारें में…

PM Without Being Earlier CM Or Minister: भारत में लोकसभा चुनाव 2024 अब अपने अंतिम दौर में है. इस आम चुनाव के आज सातवें और आखिरी चरण के मतदान हैं. भारत के18वें लोकसभा चुनाव के नतीजे 4 जून को आने वाले है. ऐसे में हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र से जुड़े कुछ रोचक तथ्य के बारें में जानेंगे. इस चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों और स्वतंत्र उम्मीदवारों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है.

चुनाव में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी,तृणमूल कांग्रेस जैसे प्रमुख दलों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रीय दलों भी चुनावी मौदान में हैं. आज हम इस आर्टिकल में आपको देश के उन नेताओं के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने किसी राज्य के मुखिया या किसी भी मंत्री पद पर रहे बिना बिना ही देश का नेतृत्व किया था. आइए जानते हैं इन प्रधानमंत्रियों के बारे में…

जवाहर लाल नेहरू
मुख्यमंत्री या मंत्री रहे बिना पीएम बनने वाले नेताओं की लिस्ट में सबसे पहला नाम पंडित नेहरू का आता है. देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू भी कभी मंत्री या मुख्यमंत्री नहीं रहे थे. हालांकि, जब नेहरू पीएम बने, तब वह देश का पहला चुनाव था. पंडित जवाहरलाल नेहरू 58 वर्ष के थे, जब वह स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री बने.  इस पद पर उन्होंने 17 साल की लंबी पारी खेली थी.

See also  इलाहाबाद छोड़ चुनाव लड़ने रायबरेली क्यों गया गांधी परिवार? नेहरू भी गए थे रैली करने

चंद्रशेखर सिंह
इस लिस्ट में चंद्रशेखर सिंह का नाम भी शामिल है. वह 10 नवंबर 1990 से 21 जून 1991 तक देश के  देश के 8वें पीएम रहे. भारतीय राजनीति के प्रमुख चेहरों में से एक चंद्रशेखर सिंह ने राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. बलिया के इब्राहिमपट्टी गांव में 17 अप्रैल 1927 को चंद्रशेखर सिंह जन्म हुआ था.

कांग्रेस के समर्थन से बने थे पीएम
चंद्रशेखर कांग्रेस के समर्थन से प्रधानमंत्री बने थे. वह गठबंधन सरकार का नेतृत्व करने वाले देश पहले पीएम बने. उग्र भावना के लिए जाने जाने वाले चंद्रशेखर ‘युवा तुर्क’ के नाम से मशहूर थे.

इमरजेंसी के दौरान हुई जेल
देश में जब इमरजेंसी लगी तो उन्हें आंतरिक सुरक्षा रखरखाव अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया गया. इस समय वह वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के शीर्ष निकाय केंद्रीय चुनाव समिति और कार्य समिति के सदस्य थे. उन्होंने 1969 में दिल्ली से प्रकाशित साप्ताहिक यंग इंडियन की स्थापना और संपादन किया. इमरजेंसी के दौरान इसका प्रकाशन बंद करना पड़ा था.

इस लिस्ट में राजीव गांधी का नाम भी आता है. 40 साल की उम्र में देश की जिम्मेदारी संभालने वाले राजीव गांधी भारत के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री थे. देश में पीढ़ीगत बदलाव के अग्रदूत राजीव गांधी को देश के इतिहास में सबसे बड़ा जनादेश मिला था.

इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उन्हें न चाहते हुए भी राजनीति में कदम रखना पड़ा था और वे कांग्रेस अध्यक्ष और देश के प्रधानमंत्री बने थे. उस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को पिछले 7 चुनावों की अपेक्षा ज्यादा वोट मिले थे. राजी गांधी के नेतृत्व में पार्टी ने 508 में से रिकॉर्ड 401 सीटों पर जीत हासिल की थी.

See also  महाराष्ट्र MLC चुनाव: हो गई क्रॉस वोटिंग.. NDA के सभी उम्मीदवार जीते, महाविकास आघाडी को झटका

राजनीति की खबर अब व्हाट्सएप चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण खबरें


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *